इन नियमों से ही करना चाहिए तुलसी महारानी की पूजा! जानिए नियम!

हां जी दोस्तों अगर आपके घर में तुलसी का पौधा नहीं है। तो कृपया करके आप तुलसी का पौधा अपने घर में लेकर आएं। इसके बहुत ही ज्यादा फायदे हैं। अगर आप भी तुलसी महारानी की पूजा करने में विश्वास और रुचि रखते हैं। तो तुलसी महारानी की पूजा करने के कुछ नियम की जानकारी आपको होनी चाहिए।
नियम और जानकारी के बिना अगर आप तुलसी महारानी की पूजा करते हैं। तो वह पूजा विफल मानी जाती है। आज हम आपको बताएंगे कि किन नियमों से आपको तुलसी महारानी की पूजा करनी चाहिए। और हमें तुलसी महारानी की पूजा करने से क्या प्राप्त होता है? यह सारी जानकारी आप पढ़ते जाइए।

ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति या महिला? तुलसी महारानी की पूजा करता या करती हैं। उनका मन बहुत शांत रहता है। रोजाना प्रातः काल तुलसी के दर्शन करने से आरोग्य प्राप्त होता है। आपका दिन एकदम अच्छा जाता है। क्योंकि सुबह सुबह आपका मन शांत हो जाता है और आपकी आस्था भगवान में लग जाती है।

हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत ही पवित्र माना गया है। तुलसी का पौधा पूजनीय होता है। हमें रोज सुबह उठकर तुलसी महारानी की पूजा करनी चाहिए। तुलसी औषधीय गुणों से भरपूर है। तुलसी को देवी स्वरूप माना गया है। भगवान विष्णु का भोग तुलसी के बिना अधूरा माना जाता है। शास्त्रों में इसका कारण यह बताया जाता है कि तुलसी भगवान विष्णु को बहुत प्रिय थी।
शास्त्रों में ऐसा भी बताया गया है कि कार्तिक महीने में तुलसी जी और शालिग्राम का विवाह हुआ था। कार्तिक माह में तुलसी की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। तुलसी का पौधा जिस घर में होता है और नियमित रूप से उसका सीजन(caring) होता है। वह घर हमेशा उन्नति करता है।
तुलसी महारानी की पूजा नियमित रूप से करने से मन बहुत शांत रहता है। शास्त्रों में तुलसी पूजन और उनके पत्तों को तोड़ने के लिए कुछ नियम का विवरण है। जिसे हमें हमेशा पालन करना चाहिए। चलिए हम आपको बताते हैं वह नियम।

तुलसी पूजन के कुछ जरुरी नियम।

तुलसी का पौधा हमेशा घर के आंगन में लगाना चाहिए। अगर आप शहर में रहते हैं? और आपके घर में स्पेस प्रॉब्लम है तो आप तुलसी का पौधा अपने बालकनी में भी लगा सकते हैं। रोज सुबह स्वच्छ होकर तुलसी के पौधे में जल दे और उसकी परिक्रमा करें। शाम को तुलसी के पौधे के नीचे घी का दीपक जलाएं। वह बहुत शुभ होता है और। ऐसा माना जाता है कि जलते दिए के वक्त लक्ष्मी का आगमन भी होता है। रविवार के दिन तुलसी के पौधे में दीपक नहीं जलाना चाहिए। भगवान गणेश, दुर्गा माता और भगवान शिव जी को कभी भी तुलसी के पत्ते ना चढ़ाएं। इसका विवरण आपको शास्त्रों में मिल जाएगा अधिक जानकारी के लिए आप शास्त्र पढ़ सकते है
आप तुलसी के पौधे को कभी भी लगा सकते हैं किंतु। कार्तिक माह में तुलसी लगाना सबसे उत्तम माना जाता है।
तुलसी के पौधे को ऐसी जगह लगाएं जहां एकदम स्वच्छ हवा और जगह दोनों हो। तुलसी के पौधे को कांटेदार पौधे के साथ ना रखें।

Superstitions Related To Tulsi
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तुलसी के पत्ते तोड़ने के भी कुछ नियम होते हैं जिसको हमें पालन करना चाहिए। सबसे ज्यादा ध्यान देने की बात यह है कि हमें हमेशा तुलसी के पत्ते को तोड़ने के लिए सुबह का समय की देना चाहिए।
अगर आप तुलसी के पत्ते को चाय में डालकर पिएंगे तो वह आपके लिए काफी बेनिफिट होगा। तुलसी के पत्तों को सुबह ही तोड़ कर रख देना चाहिए और उन पत्तियों का इस्तेमाल पूरा दिन भर करना चाहिए। आप तुलसी के पत्ते खाने में भी डाल सकते हैं, चाय में भी डाल सकते हैं।

तुलसी के पत्तों को कभी भी आप गंदे हाथ से ना छुए। हमेशा हाथ साफ करके ही तुलसी के पत्तों को स्पर्श करना चाहिए। तुलसी की पत्तियां तोड़ने से पहले उन्हें परणाम करना चाहिए। बिना आवश्यकता के तुलसी की पत्तियों को नहीं तोड़ना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि अगर आप अनावश्यक रूप से तुलसी के पत्तों को तोड़ते हैं। तो तुलसी महारानी आप से रूठ जाती हैं। और उनका अपमान हो जाता है।

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